ग्रामीण भारत में पशुपालन आज भी आय का एक भरोसेमंद साधन है। बहुत से किसान और परिवार अपनी जीविका के लिए गाय, भैंस या अन्य पशुओं पर निर्भर रहते हैं। लेकिन बीमारी, दुर्घटना या प्राकृतिक कारणों से पशु की मृत्यु हो जाने पर बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसी जोखिम को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने पशु बीमा योजना (Livestock Insurance Scheme) शुरू की है, ताकि पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा मिल सके और उनका नुकसान कम हो।
यह योजना Department of Animal Husbandry and Dairying द्वारा लागू की जाती है, जो Government of India के अंतर्गत कार्य करता है।
पशु बीमा योजना का उद्देश्य
- पशुपालकों को आर्थिक संरक्षण देना
- पशुधन हानि से होने वाले जोखिम को कम करना
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना
- पशुपालन व्यवसाय को प्रोत्साहन देना
- किसानों की आय को स्थिर बनाए रखना
किन पशुओं का बीमा किया जा सकता है?
इस योजना में विभिन्न प्रकार के पशुओं को शामिल किया गया है:
- गाय
- भैंस
- बकरी
- भेड़
- ऊँट (कुछ राज्यों में लागू)
- अन्य पशुधन (राज्य की नीति के अनुसार)
योजना के प्रमुख लाभ
आर्थिक सहायता
बीमित पशु की मृत्यु होने पर तय राशि प्रदान की जाती है।
कम प्रीमियम में बीमा
सरकार प्रीमियम पर अनुदान देती है, जिससे किसान को कम खर्च करना पड़ता है।
छोटे और सीमांत किसानों को राहत
यह योजना विशेष रूप से छोटे पशुपालकों के लिए उपयोगी है।
सुरक्षित पशुपालन
बीमा के कारण पशुपालन में अनिश्चितता कम हो जाती है।
प्रीमियम और सहायता संरचना
| पशु | बीमा अवधि | किसान का योगदान | सरकारी सहायता |
|---|---|---|---|
| गाय/भैंस | 1–3 वर्ष | सीमित | अधिक |
| बकरी/भेड़ | 1 वर्ष | बहुत कम | अधिक |
पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- आवेदक पशुपालक या किसान होना चाहिए
- पशु स्वस्थ अवस्था में होना चाहिए
- पशु की पहचान टैगिंग अनिवार्य है
- पशु का सत्यापन अधिकृत पशु चिकित्सक द्वारा किया जाएगा
- आधार और बैंक खाता आवश्यक है
आवश्यक दस्तावेज
ऑनलाइन आवेदन से पहले निम्न दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- बैंक खाते की जानकारी
- मोबाइल नंबर
- पशु की स्पष्ट फोटो
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
- पहचान टैग नंबर
- निवास प्रमाण
पशु बीमा योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करके आप आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
Step 1: संबंधित वेबसाइट पर जाएं
अपने राज्य के पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और बीमा योजना से जुड़ा विकल्प चुनें।
Step 2: पंजीकरण करें
- New User / Registration विकल्प चुनें
- आवश्यक जानकारी दर्ज करें
- OTP के माध्यम से सत्यापन पूरा करें
Step 3: आवेदन फॉर्म भरें
फॉर्म में पशु और पशुपालक से जुड़ी जानकारी भरनी होती है:
- नाम और पता
- पशु का प्रकार व नस्ल
- उम्र और पहचान विवरण
- अनुमानित बाजार मूल्य
Step 4: दस्तावेज अपलोड करें
ऑनलाइन आवेदन में निम्न दस्तावेज संलग्न करें:
- पशु का फोटो
- टैगिंग फोटो
- स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
- पहचान दस्तावेज
Step 5: पशु का निरीक्षण
अधिकृत पशु चिकित्सक द्वारा:
- पशु का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है
- पहचान की पुष्टि की जाती है
- बीमा के लिए सत्यापन किया जाता है
Step 6: प्रीमियम का भुगतान करें
- ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करें (UPI / Net Banking)
- किसान को सब्सिडी के बाद की राशि ही जमा करनी होती है।
Step 7: बीमा प्रमाण पत्र प्राप्त करें
प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद आपको:
- बीमा पॉलिसी नंबर
- बीमा प्रमाण पत्र
- बीमा अवधि की जानकारी
ऑनलाइन उपलब्ध हो जाती है।
बीमा क्लेम कैसे करें?
यदि बीमित पशु की मृत्यु हो जाए तो निम्न प्रक्रिया अपनानी होती है।
Step 1: तुरंत सूचना दें
24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग या अधिकारी को जानकारी देना आवश्यक है।
Step 2: जांच और प्रमाणन
पशु चिकित्सक द्वारा मृत्यु का कारण दर्ज कर आधिकारिक रिपोर्ट तैयार की जाती है।
Step 3: क्लेम के लिए दस्तावेज जमा करें
- बीमा पॉलिसी
- चिकित्सकीय रिपोर्ट
- पशु की फोटो
- बैंक विवरण
Step 4: मुआवजा प्राप्त करें
सभी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बीमा राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है।
बीमा अवधि
यह बीमा सामान्यतः निम्न अवधि के लिए कराया जा सकता है:
- 1 वर्ष
- 2 वर्ष
- 3 वर्ष
महत्वपूर्ण सावधानियाँ
- ✔ पशु की पहचान टैग सुरक्षित रखें
- ✔ सही जानकारी ही प्रदान करें
- ✔ घटना की सूचना समय पर दें
- ✔ सभी दस्तावेज संभालकर रखें
- ✔ समय समाप्त होने से पहले नवीनीकरण कराएं
पशु बीमा क्यों जरूरी है?
आज पशुपालन केवल पारंपरिक कार्य नहीं, बल्कि आय का महत्वपूर्ण निवेश बन चुका है। एक पशु की कीमत काफी अधिक होती है, इसलिए बीमा कराने से:
- अचानक होने वाला नुकसान नियंत्रित रहता है
- किसान की आर्थिक स्थिति सुरक्षित रहती है
- पशुपालन को दीर्घकालिक रूप से अपनाना आसान होता है
- आय में स्थिरता बनी रहती है
FAQs (Frequently Asked Questions)
Q1. क्या हर पशुपालक इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है?
हाँ, पात्र किसान और पशुपालक आवेदन कर सकते हैं।
Q2. बीमा राशि किस आधार पर तय होती है?
पशु के बाजार मूल्य और योजना के नियमों के अनुसार।
Q3. क्या आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है?
हाँ, अधिकांश राज्यों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है।
Q4. क्लेम मिलने में कितना समय लगता है?
सत्यापन पूरा होने के बाद सामान्यतः 15–30 दिनों में भुगतान किया जाता है।
Q5. क्या छोटे किसान भी इसका लाभ ले सकते हैं?
हाँ, यह योजना विशेष रूप से छोटे पशुपालकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
निष्कर्ष
पशु बीमा योजना पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था है। यह योजना आर्थिक नुकसान से बचाव करती है और पशुपालन को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाती है।
यदि आप पशुपालन से जुड़े हैं, तो अपने पशुओं का बीमा करवाना एक समझदारी भरा निर्णय है जो भविष्य में आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकता है।







